यीशु मसीह की प्रार्थना कैसे करें प्रभु यीशु की प्रार्थना हिंदी में - Jesus Prayer In Hindi

प्रभु यीशु से प्रार्थना में अपनी जरूरतों को कैसे मांगें 

यीशु मसीह से प्रार्थना में अपनी जरूरतों को कैसे मांगें


हमारे स्वर्गीय पिता, जब कि हम आज रात अनुग्रह के सिंहासन के पास आ रहे हैं, जिसे आपने बहुत ही अनुग्रहपूर्वक हमें परमेश्वर के सिंहासन और उसके अनुग्रह के सामने साहसपूर्वक आने की आज्ञा दी है, किसी भी याचिका को मांगने के लिए जिसकी हमें आवश्यकता होगी। 

आपने हमें बताया कि यदि हम दो या तीन भी होंगे जो एक साथ इकट्ठा होकर और आपके नाम से इकट्ठे हो, कि आप हमारे बीच में होंगे। और फिर हम जो कुछ भी इच्छा रखते हैं, यदि हमने इसे मांगा है, तो हम उसे पाएंगे, यदि हम केवल यह विश्वास करें कि हम उसे पायेंगे।


 आप इस दिन की अवस्था और कलीसिया और लोगों की अवस्था को जानते हैं, और ये आपके सामने हमारी विनती है। अब आपने हाथों को देखा हैं, प्रभु आप लोगों के हृदयों, उनकी इच्छाओं को और आवश्यकताओं को जानते है और हम देखते हैं कि समय निकट आ रहा है, यह अब बड़े बादल तेजी से एकत्रित हो रहे है, और स्थिर हो रहे हैं। वे बातें जिनके बारे में भविष्यवक्ताओं ने सैकड़ों वर्ष पहले बोला था, हम देखते हैं कि इस समय तक ऐसा कभी भी नहीं हुआ था, और यहाँ हम इसे ठीक हमारे दिनों में देखते हैं।


अब हम प्रार्थना करते हैं, पिता, कि आप हमें ये आशीष को प्रदान करेंगे जो हम माँगते हैं। बीमारों और पीडितों को चंगा करे। अपनी कलीसिया में


लौटाए प्रभु पवित्र आत्मा की जीवित सामर्थ को जीवित विश्वास को कि हम जिसे मांगते हैं क्योंकि हम विश्वास करते हैं। हम विश्वास करते हैं कि हम इसे पाएंगे क्योंकि हमें यकीन है कि यही परमेश्वर की इच्छा है कि वो


हमारे मांगने से पहले ही हमें इसे देता है। हम व्यर्थ में नहीं मांग रहे हैं, हम परमेश्वर के राज्य के खातिर मांग रहे हैं, सो हम प्रार्थना करते हैं कि आप इसे हमें प्रदान करेंगे।


हमारे एक साथ एकत्र होने को हमारे पास्टर को कलीसिया के कार्यकर्ताओं को आशीष देना, प्रत्येक व्यक्ति को आशीष देना, मसीह के शरीर के सदस्य को जो उपस्थित हैं। वे लोग जो मसीह की देह के सदस्य नहीं हैं, वे आज कहीं तो शरण के लिए देख रहे है, पिछवाड़े में बम से बचने के लिए एक आश्रय को खरीदते है, परमेश्वर होने पाए वे प्रभु यीशु की शरण के नीचे आ जाए, यह जानते हुए कि जब यह जीवन समाप्त हो जाएगा। तो वहां इसके उस ओर जीवन है। आपकी प्रतिज्ञा के लिए धन्यवाद ।


आज रात हमें इन प्रश्नों का उत्तर दीजिये, कि हम आपके वचन से हर एक हृदय को संतुष्ट कर सकें। क्योंकि हम इसे यीशु के नाम में मांगते हैं। आमीन।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.